Wednesday, December 21, 2005

शुभ नववर्ष


पूर्णमदः पूर्णमिदं पूर्णात् पूर्णमुदच्यते
शुभ नववर्ष

4 comments:

masijeevi said...

शुभकामनाऍं। किन्‍तु आप लुप्‍त क्‍यों हो रहे हैं भई। आस - पास रहें। अब आपकी आदत सी होती जा रही है इसलिए अनुपस्थिति खलती है।

Sukumar said...

किवता; कविता नहीं, लाल्टू भाई! बहुत खूब ! देवनागरी मे ँ मैं ँ कैंसे िलखँ ू? शुभ नववर्ष ! िचत्र िकसकी हैं?

आशीष said...

लाल्टु जी,

नये साल मे एक भी पोष्ट नही ! ऐसा जुल्म तो ना करें हम पर !

आशीष

रेलगाड़ी said...

नव वर्ष आपको भी मुबारक। बहुत प्यारे बच्चे का चित्र है! हिन्दी में लिखते रहें।