Sunday, March 26, 2006

परीक्षार्थी और सूचना का अधिकार अधिनियम

परीक्षार्थी को मूल्यांकन के बारे में जानने का होना चाहिए या नहीं? इस बारे में ज़रुरी खबर।

3 comments:

मिर्ची सेठ said...

काहे नहीं होना चाहिए। परीक्षार्थी के मुल्यांकन की जाँच करवाने पर जितना खर्चा होता है यदि वह, वह खर्चा देने के लिए तैयार है तो परीक्षा लेने वालों के पेट में किस बात का दर्द है। या तो उनके पास कुछ छुपाने को है। उलटा इससे तो जाँचने वाले भी ठीक से काम करेंगे।

- पंकज

लाल्टू said...

मैं सोच ही रहा था कि अंबालेवाले किधर गए। सचमुच चिट्ठे में लिखने वाला था। बड़े दिनों बाद मिले बॉस। सब राजी खुशी?
लगता है जमला जट्ट खींच लाया।

masijeevi said...

मिर्ची से अपन भी सहमत हैं। अरुणा राय जी को लिखा जाए।